कृष्ण की चेतावनी—
वर्षों तक वन में घूम-घूम,
बाधा-विघ्नों को चूम-चूम,
सह धूप-घाम, पानी-पत्थर,
पांडव आये कुछ और निखर।
सौभाग्य न सब दिन सोता है,
देखें, आगे क्या होता है।
यदि रक्त-भरे बादल छाते,
तो ये कमजोर नहीं पाते।
तूने बेधे थे रवि जब से,
यह उगते जाते हैं तब से।