ghazal · 1320

Aaj Rang Hai

आज रंग है

Amir Khusro· Sufi Era

The qawwali of ecstasy — 'today there is colour, mother!'

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आज रंग है ऐ माँ रंग है री। मेरे महबूब के घर रंग है री। अरे अल्लाह तू ही रंग है री। मोहे पीर पायो निजामुद्दीन औलिया। निजामुद्दीन औलिया मोहे पीर पायो। मैं तो जब देखूँ मोरे संग है री॥
#qawwali#sufi

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