poem · 1937

Jo Tum Aa Jate Ek Baar

जो तुम आ जाते एक बार

Mahadevi Verma· Chhayavaad
0 reads 0 likes 1 min
जो तुम आ जाते एक बार, कितनी करुणा कितने संदेश, पथ में बिछ जाते बन पराग, गाता प्राणों का तार-तार, अनुरागी मन अनुरागमयी होकर आती जो तुम आ जाते एक बार॥
#chhayavaad

Reader Reviews

0.0(0 reviews)