जो तुम आ जाते एक बार, कितनी करुणा कितने संदेश, पथ में बिछ जाते बन पराग, गाता प्राणों का तार-तार, अनुरागी मन अनुरागमयी होकर आती जो तुम आ जाते एक बार॥