Mati Kahe Kumhaar Se माटी कहे कुम्हार से — Kabir (1450) ---------------------------------------- माटी कहे कुम्हार से, तू क्या रौंदे मोहि। इक दिन ऐसा आएगा, मैं रौंदूँगी तोहि॥ ---------------------------------------- Source: Kavyalekh — kavyalekh.com Public domain work