Payo Ji Maine Ram Ratan Dhan Payo — Meera Bai (16th Century) ---------------------------------------- पायो जी मैंनेपायो जी मैंने राम रतन धन पायो। वस्तु अमोलिक दी मेरे सतगुरु, किरपा कर अपनायो। जनम-जनम की पूँजी पाई, जग में सभी खोवायो। खरचै नहिं कोई चोर न लेवे, दिन दिन बढ़त सवायो। सत की नाव खेवटिया सतगुरु, भवसागर तर आयो। मीरा के प्रभु गिरधर नागर, हरख हरख जस गायो।। [Timeless devotional bhajan by Meera Bai. Public domain.] ---------------------------------------- Source: Kavyalekh — kavyalekh.com Public domain work