Prabhu Ji Tum Chandan प्रभु जी तुम चंदन हम पानी — Sant Ravidas (1470) ---------------------------------------- प्रभु जी तुम चंदन हम पानी। जाकी अंग-अंग बास समानी। प्रभु जी तुम घन बन हम मोरा। जैसे चितवत चंद चकोरा। प्रभु जी तुम दीपक हम बाती। जाकी जोति बरै दिन राती। प्रभु जी तुम मोती हम धागा। जैसे सोनहि मिलत सुहागा। प्रभु जी तुम स्वामी हम दासा। ऐसी भक्ति करै रैदासा॥ ---------------------------------------- Source: Kavyalekh — kavyalekh.com Public domain work