Mero To Giridhar Gopal मेरो तो गिरधर गोपाल — Meera Bai (1550) ---------------------------------------- मेरो तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई। जाके सिर मोर मुकुट, मेरो पति सोई। तात मात भ्रात बंधु, आपनो न कोई। छांड़ि दई कुल की कानि, कहा करिहै कोई। संतन ढिग बैठि बैठि, लोक लाज खोई। अंसुवन जल सींचि सींचि, प्रेम बेलि बोई। मीरा की लगन लागी, होनी हो सो होई॥ ---------------------------------------- Source: Kavyalekh — kavyalekh.com Public domain work