Nadi Ke Dweep नदी के द्वीप — Agyeya (1952) ---------------------------------------- हम नदी के द्वीप हैं। हम नदी में हैं, नदी के नहीं। धार हमको घेर लेती है, हमारे प्राण को सँवारती, सँजोती है, फिर भी हम नदी नहीं हैं—हम नदी के द्वीप हैं। ---------------------------------------- Source: Kavyalekh — kavyalekh.com Public domain work