Namak Ka Daroga (Excerpt) नमक का दारोगा — Munshi Premchand (1914) ---------------------------------------- जब नमक का नया विभाग बना और लोगों को नमक तैयार करने और बेचने पर रोक लगा दी गयी, तो बड़ा गबन और चोरी होने लगी। नदियों-नालों में नमक बनाने वाले चुपके-चुपके काम करते थे और चुंगी के दारोगाओं की चाँदी थी। ---------------------------------------- Source: Kavyalekh — kavyalekh.com Public domain work