Payoji Maine Ram Ratan Dhan Payo पायो जी मैंने राम रतन धन पायो — Meera Bai (1550) ---------------------------------------- पायो जी मैंने राम रतन धन पायो। वस्तु अमोलिक दी मेरे सतगुरु, कर कृपा अपनायो। जनम जनम की पूँजी पाई, जग में सभी खोवायो। खरचै नहिं कोई चोर न लूटै, दिन दिन बढ़त सवायो। सत की नाव खेवटिया सतगुरु, भवसागर तर आयो। मीरा के प्रभु गिरधर नागर, हरख हरख जस गायो॥ ---------------------------------------- Source: Kavyalekh — kavyalekh.com Public domain work